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ED का शिकंजा कसता गया, इकबाल मिर्ची परिवार की करोड़ों की प्रॉपर्टी जब्त

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ED का शिकंजा कसता गया, इकबाल मिर्ची परिवार की करोड़ों की प्रॉपर्टी जब्त

May 18, 2026 Source: Bharat Vaani

मुंबई में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अंडरवर्ल्ड से जुड़े कुख्यात कारोबारी इकबाल मिर्ची और उसके परिवार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। ईडी की मुंबई जोनल ऑफिस ने भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम (FEOA), 2018 के तहत करीब ₹700.27 करोड़ की संपत्तियों को अस्थायी रूप से अटैच किया है। इकबाल मिर्ची को अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम का करीबी माना जाता था और उस पर ड्रग्स तस्करी, उगाही और अवैध कारोबार में शामिल होने के गंभीर आरोप रहे हैं। हालांकि, उसकी मौत साल 2013 में हो चुकी है। ईडी द्वारा अटैच की गई संपत्तियों में मुंबई के वर्ली इलाके की बेहद कीमती प्रॉपर्टी — राबिया मेंशन, मरियम लॉज और सी व्यू — शामिल हैं। इन संपत्तियों की कीमत करीब ₹497 करोड़ बताई जा रही है। इसके अलावा दुबई में स्थित लगभग ₹203.27 करोड़ की संपत्तियां भी जांच एजेंसी ने जब्त की हैं। ईडी की जांच मुंबई पुलिस और अन्य एजेंसियों द्वारा दर्ज पुराने मामलों के आधार पर शुरू हुई थी। इन मामलों में एमआरए मार्ग, येलोगेट, भायखला पुलिस स्टेशन, एंटी नारकोटिक्स सेल और डीसीबी-सीआईडी की एफआईआर शामिल हैं। इकबाल मिर्ची पर आईपीसी, आर्म्स एक्ट, टाडा और एनडीपीएस एक्ट के तहत कई गंभीर आरोप लगाए गए थे। जांच में सामने आया कि इकबाल मिर्ची ड्रग्स तस्करी, अवैध हथियार कारोबार, उगाही और संगठित अपराध से जुड़ी गतिविधियों में सक्रिय था। ईडी के अनुसार, इन अपराधों से कमाए गए अवैध पैसों को भारत और विदेशों में संपत्तियां खरीदकर सफेद किया गया। कई संपत्तियां उसके परिवार, करीबी सहयोगियों और उनसे जुड़ी कंपनियों के नाम पर खरीदी गई थीं। ईडी ने दावा किया कि वर्ली की जिन संपत्तियों को अटैच किया गया है, वे मूल रूप से सर मोहम्मद यूसुफ ट्रस्ट की थीं। जांच में पता चला कि साल 1986 में इन्हें M/s Rockside Enterprises के जरिए मात्र ₹6.50 लाख में खरीदा गया था। दस्तावेजों में ये संपत्तियां ट्रस्ट के नाम पर थीं, लेकिन असली नियंत्रण इकबाल मिर्ची और उसके परिवार के पास था। एजेंसी ने यह भी आरोप लगाया कि ट्रस्ट ने अदालत में गलत जानकारी देकर पहले की अटैचमेंट कार्रवाई से इन संपत्तियों को बचाने की कोशिश की। जांच में दुबई स्थित होटल मिडवेस्ट अपार्टमेंट और कॉर्पोरेट बे व DEC टावर्स में खरीदी गई 14 रियल एस्टेट यूनिट्स का भी खुलासा हुआ है। ये संपत्तियां आसिफ इकबाल मेमन और उसके परिवार के नाम पर बताई गई हैं। ईडी ने इस मामले में पीएमएलए कोर्ट, मुंबई में चार्जशीट और सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की है। विशेष पीएमएलए अदालत ने 26 फरवरी 2021 को आसिफ इकबाल मेमन, जुनैद इकबाल मेमन और हाजरा इकबाल मेमन को भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किया था। फिलहाल मामले में ईडी की जांच लगातार जारी है।