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‘दबाव नहीं, संवाद जरूरी’ — BRICS बैठक में जयशंकर ने अमेरिका को घेरा
May 14, 2026 Source: Bharat Vaani
भारत की राजधानी दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक में भारत के विदेश मंत्री S. Jaishankar ने वैश्विक मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने बिना सीधे नाम लिए अमेरिका की ओर से लगाए जा रहे एकतरफा टैरिफ और प्रतिबंधों की आलोचना की। जयशंकर ने कहा कि इस तरह के दंडात्मक कदम अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के खिलाफ हैं। उनके अनुसार, ऐसे फैसलों का सबसे ज्यादा असर विकासशील देशों पर पड़ता है और दबाव की राजनीति कभी भी कूटनीति का विकल्प नहीं हो सकती।
जयशंकर ने कहा कि आज के समय में दुनिया कई बड़ी चुनौतियों का सामना कर रही है, जिससे असमानता बढ़ रही है और विकास की गति प्रभावित हो रही है। उन्होंने कहा कि कई विकासशील देशों के लिए अब केवल विकास ही नहीं, बल्कि वैश्विक अस्थिरता के बीच अपनी सुरक्षा और आर्थिक मजबूती बनाए रखना भी बड़ी चुनौती बन चुका है। उन्होंने सभी देशों से सहयोग, संवाद और सुधार के रास्ते पर आगे बढ़ने की अपील की ताकि एक स्थिर, न्यायपूर्ण और समावेशी अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था बनाई जा सके।
विदेश मंत्री ने आतंकवाद के मुद्दे पर भी कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि आतंकवाद किसी भी रूप में स्वीकार्य नहीं है और सीमा पार से होने वाला आतंकवाद अंतरराष्ट्रीय संबंधों के मूल सिद्धांतों का उल्लंघन करता है। उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ “जीरो टॉलरेंस” नीति को वैश्विक स्तर पर अपनाने की जरूरत बताई।
इसके अलावा जयशंकर ने पश्चिम एशिया में जारी संघर्षों पर भी चिंता जताई। उन्होंने गाजा, ईरान, लेबनान, सीरिया, सूडान, यमन और लीबिया जैसे क्षेत्रों में बढ़ते तनाव का उल्लेख करते हुए कहा कि इन संकटों का असर समुद्री व्यापार, ऊर्जा सुरक्षा और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है। उन्होंने खास तौर पर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ जैसे अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों की सुरक्षा को बेहद महत्वपूर्ण बताया। जयशंकर ने कहा कि इन संकटों के समाधान के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग और लगातार कूटनीतिक प्रयास जरूरी हैं।