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लुक आउट नोटिस के बाद पूर्व DCP शांतनु बिस्वास अरेस्ट

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लुक आउट नोटिस के बाद पूर्व DCP शांतनु बिस्वास अरेस्ट

May 14, 2026 Source: Bharat Vaani

कोलकाता के पूर्व डीसीपी शांतनु सिन्हा बिस्वास को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने चर्चित ‘सोना पप्पू’ मनी लॉन्ड्रिंग और जमीन कब्जा मामले में गिरफ्तार कर लिया है। उनके खिलाफ करीब एक सप्ताह पहले ‘लुक आउट नोटिस’ जारी किया गया था, जिसके बाद एजेंसियों ने उनकी निगरानी तेज कर दी थी। ईडी का आरोप है कि शांतनु ने एक पुलिस अधिकारी के बजाय राजनीतिक कार्यकर्ता की तरह काम किया और कई विवादित मामलों में उनकी भूमिका सामने आई है। जांच एजेंसी के अनुसार, बार-बार समन भेजे जाने के बावजूद शांतनु पूछताछ में शामिल नहीं हुए। इसके बाद ईडी ने सुरक्षा निदेशालय से संपर्क कर उनकी वर्तमान स्थिति और ड्यूटी से जुड़ी जानकारी मांगी थी। एजेंसी को आशंका थी कि वे देश छोड़कर फरार हो सकते हैं, इसलिए उनके खिलाफ लुक आउट नोटिस जारी किया गया। यह पूरा मामला कथित अपराधी सोना पप्पू से जुड़ा है, जिस पर मनी लॉन्ड्रिंग, जमीन कब्जाने, रंगदारी वसूली और बालू तस्करी से जुड़े वित्तीय लेन-देन के आरोप हैं। ईडी ने पिछले महीने शांतनु सिन्हा बिस्वास के घर और अन्य ठिकानों पर छापेमारी भी की थी। बताया जा रहा है कि शांतनु पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के करीबी माने जाते हैं और हाल ही में उन्हें सरकार के एक धरना कार्यक्रम में मंच पर भी देखा गया था। सोना पप्पू ने साल 2010-11 में निर्माण व्यवसाय में कदम रखा था, लेकिन बाद में उसका नाम कई आपराधिक गतिविधियों में सामने आया। वर्ष 2015 में उसने बालीगंज रेल यार्ड पर कब्जा करने की कोशिश की थी, जिसके बाद उसकी दुश्मनी अपराधी मुन्ना पांडे से हो गई। वहीं, 2017 में स्विन्हो लेन इलाके में कब्जे को लेकर हुई हिंसा में पलाश जाना नामक व्यक्ति की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में पप्पू को जलपाईगुड़ी से गिरफ्तार किया गया था, हालांकि बाद में उसे जमानत मिल गई थी। ईडी ने इस मामले में शांतनु के बेटों सायंतन और मनीष को भी समन भेजा था, लेकिन वे भी पूछताछ के लिए उपस्थित नहीं हुए। एजेंसी अब पूरे नेटवर्क और वित्तीय लेन-देन की गहराई से जांच कर रही है।