Monday, May 25, 2026
English edition

India

अब पिंक टिकट नहीं, महिलाओं को मुफ्त सफर के लिए चाहिए होगा ‘पिंक सहेली कार्ड’

May 11, 2026 Source: Bharat Vaani

अब पिंक टिकट नहीं, महिलाओं को मुफ्त सफर के लिए चाहिए होगा ‘पिंक सहेली कार्ड’
दिल्ली सरकार महिलाओं की मुफ्त बस यात्रा योजना को पूरी तरह डिजिटल बनाने की तैयारी कर रही है। जुलाई 2026 से डीटीसी और क्लस्टर बसों में चल रही मौजूदा ‘पिंक टिकट’ व्यवस्था को चरणबद्ध तरीके से बंद किया जाएगा और उसकी जगह ‘पिंक सहेली कार्ड’ अनिवार्य किया जाएगा। इस नई व्यवस्था के तहत महिलाओं को बस में सफर करते समय अपने कार्ड को इलेक्ट्रॉनिक टिकट मशीन पर टैप करना होगा, जिससे उनकी यात्रा का रिकॉर्ड डिजिटल रूप से दर्ज हो सकेगा। यह योजना सबसे पहले वर्ष 2019 में शुरू की गई थी, जिसके तहत महिलाओं को दिल्ली की सरकारी और क्लस्टर बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा दी गई थी। अब सरकार इसे आधुनिक और पारदर्शी बनाने के लिए स्मार्ट कार्ड आधारित प्रणाली लागू कर रही है। अधिकारियों के अनुसार, डिजिटल सिस्टम लागू होने से टिकट प्रिंटिंग का खर्च कम होगा, फर्जी टिकटों और डेटा गड़बड़ी पर रोक लगेगी तथा यात्रियों की सही संख्या का रिकॉर्ड भी तैयार किया जा सकेगा। सरकार इस योजना को केंद्र सरकार की ‘वन नेशन, वन कार्ड’ पहल और नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड (NCMC) प्रणाली से जोड़ने पर भी काम कर रही है। इससे महिलाओं को स्मार्ट और सुविधाजनक यात्रा अनुभव मिलेगा। जानकारी के मुताबिक, राष्ट्रपति ने 2 मार्च 2026 को ‘पिंक सहेली कार्ड’ पहल की शुरुआत की थी और मार्च से इसका रजिस्ट्रेशन भी शुरू हो गया था। अब तक करीब 6 लाख महिलाओं को यह कार्ड जारी किया जा चुका है, हालांकि वर्तमान में केवल 5 से 6 प्रतिशत महिलाएं ही इसका नियमित उपयोग कर रही हैं। दिल्ली सरकार ने साफ किया है कि यह सुविधा फिलहाल केवल दिल्ली की महिला निवासियों के लिए उपलब्ध होगी। 12 वर्ष या उससे अधिक उम्र की महिलाएं इसके लिए आवेदन कर सकती हैं। आवेदन के समय दिल्ली का आधार कार्ड और आधार से जुड़ा सक्रिय मोबाइल नंबर देना अनिवार्य होगा। सरकार जुलाई से इस व्यवस्था को पूरी तरह लागू करने की तैयारी में है। इससे पहले बसों और डिपो पर जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे, ताकि महिलाओं को कार्ड के इस्तेमाल और नई प्रक्रिया की पूरी जानकारी दी जा सके। परिवहन विभाग का मानना है कि यह कदम महिलाओं की यात्रा सुविधा को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और तकनीकी रूप से मजबूत बनाएगा।