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कतर के पास ब्रिटेन के जहाज में आग, मिसाइल अटैक का दावा

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कतर के पास ब्रिटेन के जहाज में आग, मिसाइल अटैक का दावा

May 10, 2026 Source: Bharat Vaani

फारस की खाड़ी में समुद्री सुरक्षा को लेकर एक बार फिर चिंता बढ़ गई है। रविवार को कतर के तट के पास एक मालवाहक जहाज पर अज्ञात मिसाइल या प्रोजेक्टाइल से हमला हुआ, जिसके बाद जहाज में आग लग गई। ब्रिटेन की समुद्री सुरक्षा एजेंसी ‘यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस सेंटर’ (UKMTO) ने इस घटना की पुष्टि की है। एजेंसी के अनुसार, हमला होने के बाद जहाज में मामूली आग लगी थी, जिसे बाद में बुझा दिया गया। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी के घायल होने की खबर नहीं है। यह हमला कतर की राजधानी दोहा से लगभग 43 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में हुआ। जहाज फारस की खाड़ी के व्यस्त समुद्री मार्ग से गुजर रहा था, तभी उसे निशाना बनाया गया। UKMTO ने बताया कि जहाज पर किसने हमला किया, यह अभी स्पष्ट नहीं है, लेकिन शुरुआती जानकारी के अनुसार किसी अज्ञात हथियार या प्रोजेक्टाइल का इस्तेमाल किया गया। विशेषज्ञों का मानना है कि यह हमला अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव से जुड़ा हो सकता है। हाल ही में दोनों देशों के बीच युद्धविराम लागू हुआ था, लेकिन इसके बावजूद फारस की खाड़ी और होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव कम नहीं हुआ है। पिछले कुछ दिनों में इस क्षेत्र में कई जहाजों को निशाना बनाए जाने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। इसी बीच अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio ने कतर के नेतृत्व से मुलाकात की है। माना जा रहा है कि कतर अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभाने की कोशिश कर रहा है। अमेरिका अब भी ईरान की ओर से आए शांति प्रस्ताव पर अंतिम प्रतिक्रिया का इंतजार कर रहा है। कुछ दिन पहले अमेरिका ने ईरान के दो तेल टैंकरों पर कार्रवाई की थी। अमेरिकी अधिकारियों का दावा था कि ये जहाज अमेरिकी प्रतिबंधों और नाकेबंदी को तोड़ने की कोशिश कर रहे थे। इसके बाद से क्षेत्र में तनाव और अधिक बढ़ गया है। इससे पहले 8 अप्रैल को होर्मुज जलडमरूमध्य के पास एक भारतीय लकड़ी के जहाज में भी आग लग गई थी। उस जहाज पर 18 भारतीय क्रू सदस्य मौजूद थे। हादसे में एक भारतीय नाविक की मौत हो गई थी, जबकि चार अन्य घायल हो गए थे। बाकी लोगों को पास से गुजर रहे दूसरे जहाज ने सुरक्षित बचाया था। हालांकि उस घटना के पीछे की असली वजह अब तक सामने नहीं आ सकी है। लगातार हो रहे इन हमलों ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार और तेल आपूर्ति को लेकर नई चिंताएं पैदा कर दी हैं। फारस की खाड़ी दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक मानी जाती है, इसलिए यहां बढ़ता तनाव वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी असर डाल सकता है।