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एस कीर्तना ने तोड़ा पुरुष वर्चस्व, शिवकाशी की पहली महिला विधायक बनीं

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एस कीर्तना ने तोड़ा पुरुष वर्चस्व, शिवकाशी की पहली महिला विधायक बनीं

May 10, 2026 Source: Bharat Vaani

29 वर्षीय एस कीर्तना इस समय तमिलनाडु की राजनीति में तेजी से उभरता हुआ चेहरा बन चुकी हैं। अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) से चुनाव जीतकर उन्होंने न सिर्फ अपनी पहचान बनाई, बल्कि कई पुराने राजनीतिक रिकॉर्ड भी तोड़ दिए। विरुधुनगर जिले की शिवकाशी सीट से जीत हासिल करने वाली कीर्तना अब तमिलनाडु की सबसे युवा मंत्रियों में शामिल हो गई हैं। खास बात यह है कि विजय की पहली कैबिनेट में वह अकेली महिला मंत्री हैं। शिवकाशी, जिसे भारत की “पटाखा राजधानी” कहा जाता है, लंबे समय से पुरुष नेताओं का गढ़ माना जाता था। ऐसे में एस कीर्तना की जीत ऐतिहासिक मानी जा रही है, क्योंकि वह इस क्षेत्र की पहली महिला विधायक बनी हैं। लगभग सात दशक से चली आ रही पुरुष प्रधान राजनीति को चुनौती देकर उन्होंने नई पीढ़ी के नेताओं के लिए रास्ता खोला है। राजनीति में सक्रिय होने से पहले कीर्तना चुनावी रणनीति, डिजिटल कैंपेन और सोशल मीडिया प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में काम कर चुकी हैं। टीवीके के शुरुआती दौर में उन्होंने पर्दे के पीछे रहकर पार्टी को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई। युवाओं को जोड़ने और आधुनिक राजनीतिक संवाद तैयार करने में उनकी रणनीति को काफी प्रभावशाली माना जाता है। इससे पहले वह तेलुगू देशम पार्टी (TDP) के चुनाव अभियानों से भी जुड़ी रही थीं। चुनाव प्रचार के दौरान एस कीर्तना को टीवीके के सबसे युवा और शिक्षित चेहरों में गिना गया। उनकी लोकप्रियता तब और बढ़ी जब उन्होंने हिंदी में बातचीत करते हुए कहा कि उनकी पार्टी की सोच पूरे देश तक पहुंचनी चाहिए। तमिलनाडु में भाषा को लेकर अक्सर राजनीतिक बहस होती रही है, लेकिन कीर्तना ने भाषा को जोड़ने का माध्यम बताया। उनके इस नजरिए को सोशल मीडिया पर भी काफी समर्थन मिला। अब मंत्री बनने के बाद एस कीर्तना को तमिलनाडु की नई पीढ़ी की राजनीति का मजबूत चेहरा माना जा रहा है। उनकी सफलता यह दिखाती है कि आधुनिक सोच, युवाओं से जुड़ाव और नई राजनीतिक रणनीतियां आज की राजनीति में बड़ा बदलाव ला सकती हैं।