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चुनाव हारने के बाद पहली बार बोलीं ममता बनर्जी, कहा- ‘मुझे रोकने की कोशिश हुई’
May 9, 2026 Source: Bharat Vaani
पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला जब कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में सुवेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। उनके साथ पांच अन्य नेताओं ने भी मंत्री पद की जिम्मेदारी संभाली। चुनावी हार के बाद पहली बार जनता के सामने आईं टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी ने इस दौरान बीजेपी सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए।
शनिवार को रवींद्रनाथ टैगोर की जयंती के अवसर पर ममता बनर्जी ने गुरुदेव को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके विचारों को मानवता, एकता और सांस्कृतिक जागरण का प्रतीक बताया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा कि टैगोर की सोच आज भी समाज को दिशा देने का काम कर रही है। ममता ने कहा कि टैगोर ने हमेशा लोगों को एकजुट रहने और विभाजनकारी राजनीति से दूर रहने का संदेश दिया।
अपने संबोधन के दौरान ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि रवींद्र जयंती से जुड़े कार्यक्रमों के आयोजन के लिए उन्होंने तीन अलग-अलग स्थानों पर अनुमति मांगी थी, लेकिन प्रशासन ने किसी भी जगह कार्यक्रम करने की इजाजत नहीं दी। इसके बाद उन्हें अपने घर पर ही आयोजन करना पड़ा। उन्होंने यह भी दावा किया कि कार्यक्रम की तैयारियों में लगे डेकोरेटर्स और सहयोगियों पर भी दबाव बनाया गया ताकि वे मदद न कर सकें।
टीएमसी सुप्रीमो ने कहा कि सांस्कृतिक और लोकतांत्रिक कार्यक्रमों को रोकना उचित नहीं है। उन्होंने विपक्षी दलों से बीजेपी के खिलाफ एकजुट होने की अपील करते हुए कहा कि लोकतंत्र और सामाजिक सौहार्द बचाने के लिए सभी समान विचारधारा वाले दलों को साथ आना होगा।
ममता बनर्जी ने अपने संदेश में रवींद्रनाथ टैगोर के विचारों को आज के समय में भी बेहद प्रासंगिक बताया। उन्होंने कहा कि समाज को नफरत और विभाजन नहीं बल्कि एकता, संस्कृति और मानवता की जरूरत है। उनके मुताबिक टैगोर की शिक्षाएं आज भी लोगों को जोड़ने और देश में भाईचारे की भावना मजबूत करने की प्रेरणा देती हैं।