Monday, May 25, 2026
English edition

India

सिद्धारमैया सरकार को झटका, विनय कुलकर्णी हुए अयोग्य

May 3, 2026

सिद्धारमैया सरकार को झटका, विनय कुलकर्णी हुए अयोग्य
कर्नाटक की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है, जहां कांग्रेस विधायक विनय कुलकर्णी को योगेश गौड़ा हत्याकांड में दोषी ठहराए जाने के बाद विधानसभा सदस्यता से अयोग्य घोषित कर दिया गया है। कर्नाटक विधानसभा ने 2 मई 2026 को आधिकारिक अधिसूचना जारी कर इसकी पुष्टि की। इस फैसले ने न केवल राज्य की सत्ताधारी कांग्रेस सरकार को झटका दिया है, बल्कि राजनीतिक माहौल भी गरमा गया है। यह अयोग्यता 15 अप्रैल 2026 से प्रभावी मानी गई है, जिस दिन अदालत ने कुलकर्णी को दोषी करार दिया था। उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 191 और लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 8 के तहत, दोषसिद्धि के बाद उनकी विधायकी स्वतः समाप्त हो गई। अधिसूचना के अनुसार, सजा पूरी करने के बाद भी वे छह वर्षों तक चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य रहेंगे, जब तक कि किसी उच्च अदालत से उनकी सजा पर रोक नहीं लगती। यह मामला वर्ष 2016 का है, जब भाजपा नेता और जिला पंचायत सदस्य योगेश गौड़ा की धारवाड़ में उनके जिम के अंदर हत्या कर दी गई थी। इस हत्याकांड में कुलकर्णी समेत 17 लोगों को दोषी ठहराया गया है। विशेष अदालत के न्यायाधीश संतोष गजानन भट ने सभी दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई और प्रत्येक पर 30,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया। घटना के समय विनय कुलकर्णी राज्य सरकार में मंत्री और जिला प्रभारी मंत्री थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए बाद में जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को सौंप दी गई थी। कुलकर्णी को 2020 में गिरफ्तार किया गया था और 2021 में जमानत मिली थी, लेकिन गवाहों को प्रभावित करने के आरोपों के चलते उनकी जमानत रद्द कर दी गई। अब इस फैसले के बाद निर्वाचन आयोग छह महीने के भीतर संबंधित सीट पर उपचुनाव की प्रक्रिया शुरू कर सकता है। इस पूरे घटनाक्रम ने कर्नाटक में राजनीतिक तनाव बढ़ा दिया है और आने वाले समय में इसके व्यापक राजनीतिक प्रभाव देखने को मिल सकते हैं।