Sunday, May 24, 2026
English edition

Development

शत-प्रतिशत नामांकन और जीरो ड्रॉपआउट से कछिया ने हासिल की उपलब्धि

May 1, 2026

शत-प्रतिशत नामांकन और जीरो ड्रॉपआउट से कछिया ने हासिल की उपलब्धि
*बाल हितैषी पंचायत में कछिया ने प्रदेश में बनाया कीर्तिमान* *मुख्यमंत्री श्री साय ने दी बधाई* *शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षा में जनभागीदारी से मिली ऐतिहासिक उपलब्धि* रायपुर , 1 मई 2026/ छत्तीसगढ़ शासन द्वारा पंचायतों को सशक्त बनाने की दिशा में किए जा रहे सतत प्रयासों का सकारात्मक परिणाम अब राज्य स्तर पर स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से संचालित पहलों के बीच जिला बलरामपुर-रामानुजगंज के जनपद पंचायत वाड्रफनगर अंतर्गत ग्राम पंचायत कछिया ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए पूरे प्रदेश में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। ग्राम पंचायत कछिया ने सतत विकास लक्ष्यों के स्थानीयकरण के तहत पीएआई 2.0 सर्वे के 9 थीम में से थीम-3 (बाल हितैषी पंचायत) में 95.71 अंक प्राप्त कर प्रदेश में प्रथम स्थान हासिल किया है। यह उपलब्धि न केवल जिले बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का विषय बन गई है। इस उपलब्धि पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा तथा जिले की प्रभारी मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने ग्राम पंचायत कछिया के जनप्रतिनिधियों, पंचायत अमले और ग्रामीणों को बधाई देते हुए इसे राज्य के अन्य पंचायतों के लिए प्रेरणादायक बताया है। उन्होंने कहा कि यह सफलता “सबका साथ, सबका विकास” की भावना और जनभागीदारी आधारित विकास मॉडल का उत्कृष्ट उदाहरण है। ग्राम पंचायत कछिया ने बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए एक समग्र बाल हितैषी वातावरण विकसित किया है। पंचायत के प्राथमिक एवं मिडिल स्कूलों में कुल 155 बच्चे अध्ययनरत हैं, जिनमें बालिकाओं की संख्या उल्लेखनीय है। पंचायत द्वारा बच्चों के अधिकारों की रक्षा, विद्यालयों में उपस्थिति बढ़ाने, स्वच्छता सुधार, पोषण और सुरक्षा के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। पंचायत प्रतिनिधियों द्वारा विद्यालयों का नियमित निरीक्षण, स्कूल प्रबंधन समिति के साथ समन्वय, स्वच्छता अभियान, सुरक्षित पेयजल व्यवस्था, स्वास्थ्य जागरूकता, तथा ग्रामसभा में बच्चों से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता देना इस सफलता के प्रमुख आधार रहे हैं। आंगनबाड़ी केंद्रों के साथ समन्वय कर एनीमिया मुक्त पंचायत, शत-प्रतिशत टीकाकरण और मातृ-पोषण पर विशेष ध्यान दिया गया है। प्रारंभिक चरण में पलायन, आर्थिक स्थिति और जागरूकता की कमी के कारण बच्चों की शिक्षा प्रभावित हो रही थी। पंचायत ने घर-घर संपर्क, अभिभावक संवाद, नियमित समीक्षा बैठकें और सामुदायिक जागरूकता के माध्यम से इन चुनौतियों को दूर किया। ग्राम पंचायत ने बाल हितैषी गतिविधियों को स्थायी रूप देने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार की है, जिसमें शत-प्रतिशत नामांकन, शून्य ड्रॉपआउट, नियमित मॉनिटरिंग, स्वच्छता अभियान और बाल सुरक्षा सुनिश्चित करना शामिल है।