Sunday, May 24, 2026
English edition

Politics

हंगामे के बाद कोलकाता में बढ़ी सुरक्षा, धारा 163 लागू

May 1, 2026 Source: Bharat Vaani

हंगामे के बाद कोलकाता में बढ़ी सुरक्षा, धारा 163 लागू
कोलकाता में पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों से पहले राजनीतिक माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया है। सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बीच विवाद और हंगामे के बाद प्रशासन ने सुरक्षा कड़ी कर दी है। खासतौर पर उन इलाकों में, जहां मतगणना होनी है, लोगों के एकत्र होने पर रोक लगा दी गई है और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू कर दी गई है। यह पूरा विवाद उस समय शुरू हुआ जब TMC ने एक वीडियो जारी कर आरोप लगाया कि कुछ स्थानों पर चुनाव से जुड़ी सामग्री के साथ छेड़छाड़ की कोशिश की जा रही है। पार्टी का दावा है कि वीडियो में चुनाव आयोग के अधिकारी कथित रूप से भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ बैलेट बॉक्स खोलने की कोशिश करते दिखाई दे रहे हैं। TMC ने इसे लोकतंत्र के खिलाफ गंभीर खतरा बताया और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। स्थिति उस समय और ज्यादा गंभीर हो गई जब मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद कोलकाता के सखावत मेमोरियल गवर्नमेंट गर्ल्स हाई स्कूल स्थित स्ट्रॉन्ग रूम पहुंचीं और करीब चार घंटे तक वहां रहीं। बाहर आकर उन्होंने चेतावनी दी कि यदि EVM से छेड़छाड़ या मतगणना में गड़बड़ी की कोई कोशिश हुई, तो उनकी पार्टी कड़ा विरोध करेगी। हंगामे के बाद पुलिस और प्रशासन ने तुरंत कदम उठाते हुए स्ट्रॉन्ग रूम और मतगणना केंद्रों की सुरक्षा बढ़ा दी है। अतिरिक्त केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) और स्थानीय पुलिस बल तैनात किए गए हैं। वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है, ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी को रोका जा सके। हालांकि, चुनाव आयोग ने TMC के सभी आरोपों को खारिज कर दिया है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने स्पष्ट किया कि सभी स्ट्रॉन्ग रूम को नियमों के तहत सील किया गया है और पूरी प्रक्रिया उम्मीदवारों व पर्यवेक्षकों की मौजूदगी में पूरी हुई है। उन्होंने कहा कि डाक मतपत्रों को अलग स्ट्रॉन्ग रूम में सुरक्षित रखा गया है और उनकी छंटाई की जा रही है। वहीं, विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने भी सुरक्षा व्यवस्था पर नजर रखने की बात कही है और संकेत दिया है कि वे भी संबंधित स्ट्रॉन्ग रूम का दौरा कर सकते हैं। कुल मिलाकर, मतगणना से पहले कोलकाता में राजनीतिक तनाव अपने चरम पर है और प्रशासन किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए सतर्क नजर आ रहा है।