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एंडी बर्नहम की दावेदारी मजबूत, 322 सांसदों के समर्थन से पीएम बनने की राह आसान

July 10, 2026 Source: Bharat Vaani

एंडी बर्नहम की दावेदारी मजबूत, 322 सांसदों के समर्थन से पीएम बनने की राह आसान
ब्रिटेन की राजनीति में जल्द बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। लेबर पार्टी के वरिष्ठ नेता एंडी बर्नहम देश के अगले प्रधानमंत्री बनने की दौड़ में सबसे मजबूत दावेदार बनकर उभरे हैं। पार्टी नेतृत्व के लिए नामांकन प्रक्रिया शुरू होते ही उन्हें लेबर पार्टी के 403 में से 322 सांसदों का समर्थन मिल चुका है। अब तक किसी अन्य नेता ने आधिकारिक तौर पर अपनी दावेदारी पेश नहीं की है, जबकि कई और सांसद भी बर्नहम के पक्ष में खुलकर सामने आ चुके हैं। ऐसे में उनकी जीत लगभग तय मानी जा रही है। लेबर पार्टी के नेता पद के लिए नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख 16 जुलाई है। यदि तब तक कोई मजबूत प्रतिद्वंद्वी मैदान में नहीं उतरता, तो 17 जुलाई को एंडी बर्नहम को पार्टी का नया नेता घोषित किया जा सकता है। इसके बाद 20 जुलाई को उनके ब्रिटेन के प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने की संभावना जताई जा रही है। पूर्व जूनियर रक्षा मंत्री अल कार्न्स पहले ही साफ कर चुके हैं कि वे बर्नहम के खिलाफ चुनाव नहीं लड़ेंगे। 7 जनवरी 1970 को लिवरपूल में जन्मे एंडी बर्नहम का पालन-पोषण वारिंगटन के पास एक गांव में हुआ। उनके पिता इंजीनियर और मां रिसेप्शनिस्ट थीं। पढ़ाई के दौरान उन्हें क्रिकेट और संगीत में खास रुचि थी। उन्होंने कैंब्रिज विश्वविद्यालय से अंग्रेजी साहित्य की शिक्षा प्राप्त की और राजनीति में आने से पहले पत्रकार के रूप में भी काम किया। बर्नहम ने महज 15 साल की उम्र में लेबर पार्टी की सदस्यता ली थी। बाद में उन्होंने सांसद टेसा जोवेल के रिसर्चर और संस्कृति सचिव क्रिस स्मिथ के विशेष सलाहकार के रूप में काम किया। वर्ष 2001 में वे पहली बार ग्रेटर मैनचेस्टर से सांसद चुने गए और इसके बाद स्वास्थ्य, संस्कृति, मीडिया तथा खेल जैसे अहम मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभाली। हाल ही में मेकरफील्ड उपचुनाव जीतकर उन्होंने संसद में वापसी की। गौरतलब है कि 22 जून को कीर स्टार्मर ने स्थानीय चुनावों में खराब प्रदर्शन, आर्थिक चुनौतियों और अवैध प्रवासन जैसे मुद्दों पर बढ़ते दबाव के बीच प्रधानमंत्री और लेबर पार्टी के नेता पद से इस्तीफा दे दिया था। यदि एंडी बर्नहम प्रधानमंत्री बनते हैं, तो ब्रिटेन को पिछले सात वर्षों में अपना छठा प्रधानमंत्री मिलेगा।