Tuesday, October 13, 2026
English edition
ग्रामीण पेयजल योजनाओं की जिम्मेदारी अब पंचायतों को

India

ग्रामीण पेयजल योजनाओं की जिम्मेदारी अब पंचायतों को

July 10, 2026 Source: Bharat Vaani

रायपुर, 10 जुलाई 2026/छत्तीसगढ़ में ग्रामीण पेयजल योजनाओं की दीर्घकालिक स्थिरता और सुचारू संचालन को लेकर आज मंत्रालय (महानदी भवन) में एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। मुख्य सचिव श्री विकासशील की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में जल जीवन मिशन 2.0 के तहत लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग और छत्तीसगढ़ जल जीवन मिशन के अधिकारियों के साथ संचालन एवं रखरखाव नीति पर व्यापक चर्चा की गई और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए। *पंचायतों को हस्तांतरित होगी व्यवस्था* बैठक में मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि राज्य में निर्मित सभी नल-जल योजनाओं का सफल संचालन शासन के निर्धारित मानदंडों के अनुसार किया जाए। उन्होंने कहा कि सभी ग्रामीण घरों में प्रतिदिन नल से शुद्ध जल मिले, इसके लिए एक व्यापक रणनीति तैयार की जाए। पेयजल योजनाओं की संस्थागत व्यवस्था को पूरी तरह से ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित किया जाएगा, जिसके लिए पंचायतों को हर आवश्यक सहयोग दिया जाएगा। इन योजनाओं का रखरखाव ग्राम जल एवं स्वच्छता समितियों के माध्यम से होगा, जिससे जन-सहभागिता सुनिश्चित की जा सके। *सोशल ऑडिट और ग्राम सभाओं में चर्चा अनिवार्य* पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए मुख्य सचिव ने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि योजनाओं का सही संचालन और गुणवत्तापूर्ण पेयजल की आपूर्ति जांचने के लिए सोशल ऑडिट (सामाजिक अंकेक्षण) कराया जाए। इसके साथ ही, प्रत्येक गाँव की ग्राम सभा में जल जीवन मिशन के अंतर्गत पेयजल आपूर्ति के मुद्दे पर अनिवार्य रूप से चर्चा सुनिश्चित की जाए। *वाटर मीटर लगाने और वित्तीय प्रबंधन पर विचार* बैठक के दौरान योजना के दीर्घकालिक क्रियान्वयन के लिए कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से मंथन हुआ। योजनाओं के रखरखाव के लिए बजट प्रबंधन और उचित जल शुल्क निर्धारण पर चर्चा हुई। जल की बर्बादी (क्षति) को कम करने और बेहतर राजस्व प्राप्ति के लिए भविष्य में बजट प्रावधानों के अनुसार वाटर मीटर लगाने पर भी विचार-विमर्श किया गया। पेयजल की गुणवत्ता का मूल्यांकन, विभिन्न स्तरों पर मॉनिटरिंग व्यवस्था, अनुपालन और सामुदायिक भागीदारी लेखा परीक्षा को लेकर अधिकारियों ने विस्तृत जानकारी दी। बैठक में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव श्री मोहम्मद कैसर अब्दुलहक ने जल जीवन मिशन छत्तीसगढ़ नीति के प्रारूप और उसके विभिन्न पहलुओं के बारे में विस्तार से प्रस्तुतिकरण दिया। इस उच्च स्तरीय बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव श्री भीम सिंह सहित जल जीवन मिशन, पीएचई और अन्य संबद्ध विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।