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Global Passport Index 2026: भारत की पासपोर्ट रैंकिंग में गिरावट, अब 26 देशों तक बिना वीजा यात्रा

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Global Passport Index 2026: भारत की पासपोर्ट रैंकिंग में गिरावट, अब 26 देशों तक बिना वीजा यात्रा

July 5, 2026 Source: Bharat Vaani

**नई दिल्ली:** ग्लोबल ट्रैवल मोबिलिटी और पासपोर्ट की ताकत को मापने वाली **Global Passport Index 2026** की नई रिपोर्ट में भारत के लिए निराशाजनक तस्वीर सामने आई है। ताजा रैंकिंग के अनुसार भारतीय पासपोर्ट 125वें स्थान पर पहुंच गया है, जिससे भारत एक बार फिर दुनिया के शीर्ष 100 देशों की सूची से बाहर हो गया है। रिपोर्ट के मुताबिक अब भारतीय नागरिक केवल **26 देशों और क्षेत्रों** में बिना वीजा या आसान प्रवेश सुविधा के साथ यात्रा कर सकते हैं। रिपोर्ट में बताया गया है कि पिछले वर्ष भारत की स्थिति में मामूली सुधार देखने को मिला था, लेकिन 2026 की रैंकिंग में फिर गिरावट दर्ज की गई है। इस बार भारत नामीबिया और चीन जैसे देशों से भी पीछे चला गया है। वहीं, स्वीडन ने दुनिया के सबसे मजबूत पासपोर्ट का स्थान हासिल किया है, जबकि स्विट्जरलैंड सहित कई यूरोपीय देशों का भी शीर्ष 10 में दबदबा बना हुआ है। दूसरी ओर, अमेरिका और फ्रांस जैसी बड़ी अर्थव्यवस्थाएं इस बार टॉप 10 से बाहर हो गई हैं। भारतीय पासपोर्ट धारकों के लिए बिना वीजा यात्रा की सुविधा अब केवल कुछ चुनिंदा देशों और क्षेत्रों तक सीमित है। इनमें **भूटान, नेपाल, जमैका, मकाऊ, फिलिस्तीन, ट्यूनीशिया, अंगोला और बारबाडोस** जैसे गंतव्य शामिल हैं। हालांकि, अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी, फ्रांस, चीन और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) जैसे प्रमुख देशों की यात्रा के लिए भारतीय नागरिकों को अब भी नियमित वीजा प्रक्रिया पूरी करनी पड़ती है। पड़ोसी देशों की बात करें तो चीन इस सूची में 104वें स्थान पर है, जबकि नेपाल 164वें, बांग्लादेश 166वें और पाकिस्तान 188वें स्थान पर है। एशिया से केवल सिंगापुर ही शीर्ष 10 में अपनी जगह बनाने में सफल रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि किसी देश के पासपोर्ट की रैंकिंग उसकी वैश्विक स्वीकार्यता, कूटनीतिक संबंधों और अंतरराष्ट्रीय यात्रा की सहजता को दर्शाती है। ऐसे में भारत की रैंकिंग में आई यह गिरावट भविष्य में वैश्विक यात्रा और अंतरराष्ट्रीय गतिशीलता के लिहाज से एक महत्वपूर्ण संकेत मानी जा रही है।