Saturday, July 11, 2026
English edition

India

कर्नाटक हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, प्रताड़ित कुत्तों को आरोपी मालिक को सौंपने से इनकार

June 25, 2026 Source: Bharat Vaani

कर्नाटक हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, प्रताड़ित कुत्तों को आरोपी मालिक को सौंपने से इनकार
पशु अधिकारों के संरक्षण को लेकर कर्नाटक हाईकोर्ट ने एक अहम और संवेदनशील फैसला सुनाया है। अदालत ने स्पष्ट कहा कि जानवर केवल संपत्ति नहीं, बल्कि जीवित प्राणी हैं और उन्हें सम्मान, करुणा तथा क्रूरता से मुक्त जीवन का अधिकार है। इसी आधार पर हाईकोर्ट ने निचली अदालत के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें नौ कुत्तों को उनके मालिक को वापस सौंपने की अनुमति दी गई थी। मामला बेंगलुरु के नागासंद्रा इलाके का है। रमेश नामक व्यक्ति पर अपने पालतू कुत्तों के साथ बेरहमी से मारपीट करने और उनका यौन शोषण करने जैसे गंभीर आरोप लगे थे। घटना का खुलासा तब हुआ जब एक पड़ोसी ने कथित अत्याचार का वीडियो रिकॉर्ड कर लिया। बाद में यह वीडियो सबूत के रूप में सामने आया। वीडियो मिलने के बाद पशु अधिकार संगठन PETA ने पुलिस के सहयोग से कार्रवाई की और सभी नौ कुत्तों को सुरक्षित रेस्क्यू किया। हालांकि, आरोपी ने अदालत का रुख किया और मजिस्ट्रेट कोर्ट ने जांच पूरी होने से पहले ही कुत्तों को उसके सुपुर्द करने का आदेश दे दिया। इस फैसले को चुनौती देते हुए PETA ने कर्नाटक हाईकोर्ट में याचिका दायर की। जस्टिस एम. नागप्रसन्ना की पीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि न्याय केवल इंसानों तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि उन मूक जीवों तक भी पहुंचना चाहिए जो स्वयं अपने अधिकारों की रक्षा नहीं कर सकते। अदालत ने कहा कि यदि किसी पशु के साथ क्रूरता के गंभीर आरोप हैं, तो उसे दोबारा उसी व्यक्ति के हवाले करना न्याय के मूल सिद्धांतों के खिलाफ होगा। इसके साथ ही हाईकोर्ट ने मजिस्ट्रेट कोर्ट का आदेश निरस्त कर दिया और कुत्तों को आरोपी को लौटाने पर रोक लगा दी।