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ट्रंप के दबाव को दरकिनार कर भारत ने खरीदा रिकॉर्ड रूसी तेल, मई में 6.7 अरब डॉलर का आयात...

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ट्रंप के दबाव को दरकिनार कर भारत ने खरीदा रिकॉर्ड रूसी तेल, मई में 6.7 अरब डॉलर का आयात...

June 14, 2026 Source: Bharat Vaani

India Russian Oil Imports: रूस से ऊर्जा आयात को लेकर भारत ने एक बार फिर अपने आर्थिक हितों को प्राथमिकता दी है। अमेरिकी प्रतिबंधों और बढ़ते वैश्विक दबाव के बावजूद भारत ने मई 2026 में रूस से रिकॉर्ड मात्रा में तेल और अन्य हाइड्रोकार्बन उत्पादों की खरीद की। यूरोपीय थिंक टैंक सेंटर फॉर रिसर्च ऑन एनर्जी एंड क्लीन एयर (CREA) की रिपोर्ट के अनुसार भारत ने मई में रूस से लगभग 5.8 अरब यूरो (करीब 6.7 अरब डॉलर) मूल्य के हाइड्रोकार्बन आयात किए। रिपोर्ट के मुताबिक कुल आयात में सबसे बड़ा हिस्सा कच्चे तेल का रहा, जिसकी कीमत करीब 4.8 अरब यूरो थी। इसके अलावा तेल उत्पादों के आयात पर 550 मिलियन यूरो और कोयले पर 429 मिलियन यूरो खर्च किए गए। मई के दौरान भारत के कुल कच्चे तेल आयात में 8 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जबकि रूस से आने वाले तेल की मात्रा में 21 प्रतिशत का इजाफा हुआ। गुजरात के वाडिनार और जामनगर रिफाइनिंग कॉम्प्लेक्स में रूसी कच्चे तेल की आपूर्ति में उल्लेखनीय बढ़ोतरी देखी गई। वहीं न्यू मैंगलोर और विशाखापत्तनम रिफाइनरियों ने भी मार्च 2026 से रूसी तेल की खरीद दोबारा शुरू कर दी है। CREA की रिपोर्ट के अनुसार मई 2026 में रूस के कुल कच्चे तेल निर्यात का 50 प्रतिशत हिस्सा चीन ने खरीदा, जबकि 36 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ भारत दूसरा सबसे बड़ा खरीदार रहा। तुर्किये और यूरोपीय संघ भी रूस से तेल आयात करने वाले प्रमुख क्षेत्रों में शामिल रहे। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि यूरोपीय प्रतिबंधों के बावजूद रूसी कच्चे तेल से तैयार उत्पाद विभिन्न रास्तों से यूरोपीय बंदरगाहों तक पहुंचते रहे हैं।