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CBSE OSM मामला: हाई कोर्ट ने 12वीं री-इवैल्युएशन पोर्टल नहीं खोला...

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CBSE OSM मामला: हाई कोर्ट ने 12वीं री-इवैल्युएशन पोर्टल नहीं खोला...

June 13, 2026 Source: Bharat Vaani

दिल्ली हाई कोर्ट ने CBSE के ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) सिस्टम से जुड़े विवाद में 12वीं कक्षा के छात्रों के लिए री-इवैल्युएशन और वेरिफिकेशन पोर्टल दोबारा खोलने की अनुमति देने से इनकार कर दिया है। यह फैसला शुक्रवार को वेकेशन बेंच द्वारा सुनाया गया, जिसमें जस्टिस नीना बंसल कृष्णा और जस्टिस मधु जैन शामिल थीं। यह मामला नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) द्वारा दायर एक जनहित याचिका से जुड़ा है, जिसमें आरोप लगाया गया था कि OSM सिस्टम में तकनीकी खामियां और अनियमितताएं हैं, जिससे छात्रों के परिणामों की निष्पक्षता प्रभावित हो सकती है। याचिका में मांग की गई थी कि प्रभावित छात्रों को कम से कम एक महीने के लिए री-इवैल्युएशन और वेरिफिकेशन का अवसर दिया जाए। सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि यदि री-इवैल्युएशन पोर्टल दोबारा खोला जाता है, तो इससे मूल्यांकन प्रक्रिया में गंभीर देरी हो सकती है, जिसका सीधा असर लाखों छात्रों के फाइनल रिजल्ट और कॉलेज एडमिशन पर पड़ेगा। कोर्ट ने यह भी संकेत दिया कि इससे लगभग 17 लाख से अधिक छात्रों की प्रवेश प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। CBSE की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत में दलील दी कि पोर्टल दोबारा खोलने से मूल्यांकन प्रक्रिया बाधित होगी और परिणाम जारी होने में देरी होगी, जिससे उच्च शिक्षा में दाखिले की पूरी समय-सीमा प्रभावित हो सकती है। याचिका में यह भी दावा किया गया कि डिजिटल मार्किंग सिस्टम की पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर सवाल उठ रहे हैं, जिससे छात्रों और अभिभावकों में चिंता बढ़ी है। इस मामले के साथ राजनीतिक विवाद भी जुड़ गया है, जिसमें कांग्रेस ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री से इस्तीफे की मांग की है। पार्टी का आरोप है कि OSM सिस्टम को बिना पर्याप्त तैयारी के लागू किया गया, जिससे छात्रों के भविष्य पर असर पड़ा है।