Sunday, July 12, 2026
English edition

India

एल नीनो के बाद अब आ रहा है गॉडजिला एल नीनो, इन राज्यों के किसानों में बढ़ी टेंशन...

June 12, 2026 Source: Bharat Vaani

एल नीनो के बाद अब आ रहा है गॉडजिला एल नीनो, इन राज्यों के किसानों में बढ़ी टेंशन...
हाल ही में आए अंतरराष्ट्रीय मौसम पूर्वानुमानों ने भारत के आगामी मानसून सीजन को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर दी है। यूरोपीय संघ की मौसम एजेंसी ‘कॉपरनिकस क्लाइमेट चेंज सर्विस’ (C3S) और ग्लोबल वेदर मॉडल्स के विश्लेषण के अनुसार, इस वर्ष भारत के कई हिस्सों में सामान्य से कम बारिश होने की संभावना जताई गई है। इसका प्रमुख कारण प्रशांत महासागर में विकसित हो रहा मजबूत “गॉडजिला एल नीनो” बताया जा रहा है, जो मानसूनी हवाओं को कमजोर कर सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक, भारत के पश्चिमी और मध्य राज्यों—विशेष रूप से गुजरात, महाराष्ट्र, गोवा और आंध्र प्रदेश—में बारिश में उल्लेखनीय गिरावट देखने को मिल सकती है। कुछ क्षेत्रों में सामान्य से 100 से 200 मिलीमीटर तक कम वर्षा होने की आशंका जताई गई है, जो कृषि और जल संसाधनों के लिए बड़ा खतरा साबित हो सकता है। एल नीनो एक प्राकृतिक जलवायु घटना है, जिसमें प्रशांत महासागर के सतही जल का तापमान असामान्य रूप से बढ़ जाता है। जब यह अत्यधिक तीव्र हो जाता है, तो इसे “गॉडजिला एल नीनो” कहा जाता है। इसके प्रभाव से वैश्विक हवाओं का संतुलन बिगड़ता है और भारत में मानसून कमजोर पड़ सकता है। कम बारिश का सीधा असर कृषि क्षेत्र पर पड़ेगा, खासकर खरीफ फसलों जैसे धान, दालें, कपास और तिलहन पर। उत्पादन घटने से खाद्य कीमतों में बढ़ोतरी और महंगाई का दबाव बढ़ सकता है। साथ ही जलाशयों का स्तर कम होने से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में पानी की कमी की समस्या भी गहरा सकती है। हालांकि, मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि यह शुरुआती पूर्वानुमान है और आने वाले हफ्तों में इसमें बदलाव संभव है। फिर भी, किसानों और सरकारों को अभी से जल प्रबंधन, वैकल्पिक फसलों और सिंचाई योजनाओं पर ध्यान देने की आवश्यकता है।