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TMC के तीन मुस्लिम सांसदों ने ममता से बगावत कर मोदी सरकार का समर्थन किया...

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TMC के तीन मुस्लिम सांसदों ने ममता से बगावत कर मोदी सरकार का समर्थन किया...

June 12, 2026 Source: Bharat Vaani

यह लेख पश्चिम बंगाल की राजनीति और तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर कथित राजनीतिक टूट और असंतोष पर आधारित है। इसमें दावा किया गया है कि विधानसभा चुनाव में हार के बाद ममता बनर्जी की पार्टी गंभीर अंदरूनी संकट से गुजर रही है और कई सांसदों ने पार्टी नेतृत्व के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। रिपोर्ट के अनुसार, TMC के लगभग 19 से 20 लोकसभा सांसदों ने कथित रूप से एक अलग गुट बनाने की कोशिश की और लोकसभा स्पीकर को पत्र भेजकर अलग समूह के रूप में मान्यता देने की मांग की। इस कथित बागी समूह में शत्रुघ्न सिन्हा, यूसुफ पठान, शताब्दी रॉय, सायोनी घोष, काकोली घोष दस्तीदार, बापी हलदर, अबू ताहिर खान, खलीलुर रहमान, प्रसून बनर्जी, अरूप चक्रवर्ती, जून मालिया और अन्य सांसदों के नाम शामिल बताए गए हैं। लेख में यह भी दावा किया गया है कि इन सांसदों ने पार्टी लाइन से अलग रुख अपनाते हुए केंद्र की मोदी सरकार और NDA को समर्थन देने की बात कही है। हालांकि, लेख यह भी बताता है कि इस कथित टूट की प्रक्रिया चुनाव परिणाम आने के कुछ ही दिनों बाद शुरू हुई थी, जब पार्टी में इस्तीफों और असंतोष की खबरें तेज हो गई थीं। इसके अलावा, रिपोर्ट में पार्टी के भीतर पहले हुए निष्कासन और संगठनात्मक बदलावों का भी उल्लेख है, जिनके बाद असंतोष और बढ़ने की बात कही गई है। लेख के अनुसार, इसी असंतोष के चलते कई नेताओं और सांसदों ने अलग रुख अपनाया और पार्टी नेतृत्व को चुनौती दी। कुल मिलाकर, यह लेख TMC के भीतर कथित विभाजन, सांसदों की बगावत और राजनीतिक पुनर्गठन की कहानी को दर्शाता है, जिसमें पार्टी के कमजोर होने और केंद्र सरकार के प्रति समर्थन बदलने जैसे दावे किए गए हैं।