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जज को टिंडर पर फंसाकर 52 लाख ऐंठने का आरोप, कोर्ट ने जमानत देने से किया इनकार...

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जज को टिंडर पर फंसाकर 52 लाख ऐंठने का आरोप, कोर्ट ने जमानत देने से किया इनकार...

June 12, 2026 Source: Bharat Vaani

डेटिंग ऐप टिंडर के जरिए शुरू हुई एक दोस्ती अब बड़े धोखाधड़ी मामले में बदल गई है। पटियाला हाउस कोर्ट ने 52.81 लाख रुपये की कथित ठगी के मामले में आरोपी दीपक वत्स की जमानत याचिका खारिज कर दी है। अदालत ने आरोपी की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाने के साथ-साथ जांच एजेंसी की कार्यप्रणाली पर भी नाराजगी जताई है। इस मामले की शुरुआत घरेलू सहायिका दीक्षा देवी के नाम से दर्ज एक ई-एफआईआर से हुई थी। हालांकि जांच के दौरान बैंक खातों की पड़ताल में पता चला कि बड़ी रकम हरियाणा में तैनात न्यायिक अधिकारी हर्षाली चौधरी के खातों से आरोपी के खाते में ट्रांसफर की गई थी। इसी आधार पर अदालत ने माना कि प्रथम दृष्टया न्यायिक अधिकारी ही इस मामले की वास्तविक पीड़ित नजर आती हैं। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पाया कि जांच एजेंसी कई महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य जुटाने में असफल रही है। अब तक न तो टिंडर चैट का पूरा रिकॉर्ड प्राप्त किया गया है और न ही व्हाट्सऐप बातचीत, कॉल डिटेल रिकॉर्ड तथा अन्य इलेक्ट्रॉनिक सबूतों की समुचित जांच की गई है। अदालत ने कहा कि बिना स्वतंत्र सत्यापन के जांच आगे बढ़ती दिखाई दे रही है। कोर्ट ने यह भी टिप्पणी की कि उपलब्ध तथ्यों से दोनों पक्षों के बीच करीबी संबंधों के संकेत मिलते हैं। मामले की परिस्थितियां उन साइबर अपराधों से मेल खाती हैं जिन्हें आमतौर पर “हनी ट्रैप” के रूप में देखा जाता है। वहीं आरोपी का कहना है कि दोनों के बीच संबंध आपसी सहमति से थे और धनराशि स्वेच्छा से दी गई थी। जमानत याचिका खारिज करते हुए अदालत ने जांच अधिकारी को चार सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है और न्यायिक अधिकारी को भी जांच में पूरा सहयोग करने की सलाह दी है।