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सिर्फ 5 दिन की सुनवाई और मौत की सजा, अदालत के फैसले ने बनाया रिकॉर्ड...

June 7, 2026 Source: Bharat Vaani

सिर्फ 5 दिन की सुनवाई और मौत की सजा, अदालत के फैसले ने बनाया रिकॉर्ड...
बांग्लादेश में एक बेहद चर्चित दुष्कर्म और हत्या मामले में अदालत ने रिकॉर्ड समय में फैसला सुनाते हुए दोषी दंपति को मौत की सजा दी है। यह मामला आठ वर्षीय बच्ची के साथ दुष्कर्म और उसकी हत्या से जुड़ा था, जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था। घटना के बाद जनता में भारी आक्रोश देखने को मिला और महिलाओं तथा बच्चों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हुए। ढाका मेट्रोपॉलिटन चाइल्ड रिप्रेशन प्रिवेंशन ट्रिब्यूनल ने मामले की सुनवाई करते हुए आरोपी सोहेल राणा और उसकी पत्नी स्वप्ना खातून को दोषी ठहराया। अदालत ने दोनों को फांसी की सजा सुनाने के साथ-साथ उन पर आर्थिक जुर्माना भी लगाया। न्यायालय ने आदेश दिया कि जुर्माने की राशि पीड़िता के परिवार को मुआवजे के रूप में दी जाएगी। मामले की सबसे बड़ी खासियत इसकी त्वरित सुनवाई रही। सरकारी वकीलों के अनुसार, पुलिस द्वारा चार्जशीट दाखिल किए जाने के बाद केवल पांच दिनों के भीतर सुनवाई पूरी कर फैसला सुना दिया गया। इसे बांग्लादेश के इतिहास में हत्या से जुड़े मामलों का सबसे तेज ट्रायल माना जा रहा है। न्यायाधीश मसरूर सालेकिन ने अपने फैसले में कहा कि दोषियों को तब तक फांसी पर लटकाया जाए जब तक उनकी मृत्यु न हो जाए। साथ ही अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि दोषी जुर्माने की राशि जमा नहीं करते हैं तो उनकी चल-अचल संपत्तियों को जब्त कर नीलाम किया जा सकता है। घटना के मात्र 19 दिनों के भीतर आए इस फैसले को बांग्लादेश की न्यायिक व्यवस्था में एक ऐतिहासिक उदाहरण के रूप में देखा जा रहा है।