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अवैध रेत उत्खनन पर सख्ती, रायगढ़ में छापेमारी कर मशीन सील

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अवैध रेत उत्खनन पर सख्ती, रायगढ़ में छापेमारी कर मशीन सील

June 6, 2026 Source: Bharat Vaani

*रेत माफियाओं पर प्रशासन का सख्त प्रहार* *अवैध उत्खनन में लगी पोकलेन मशीन जब्त, प्रदेशभर में निगरानी तेज* रायपुर, 06 जून 2026/ रेत माफियाओं के खिलाफ छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों में प्रशासन का रुख बेहद सख्त हो गया है। अवैध उत्खनन, परिवहन और राजस्व की चोरी पर अंकुश लगाने के लिए जिला प्रशासन, पुलिस और खनिज विभाग द्वारा लगातार ताबड़तोड़ छापेमार कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में रायगढ़ जिले के खरसिया विकासखंड अंतर्गत ग्राम बड़े डूमरपाली में अवैध रेत उत्खनन के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की गई है। कलेक्टर के निर्देश पर खनिज विभाग ने मौके से एक चौन माउंटेड पोकलेन मशीन को जब्त कर सील कर दिया है। *शिकायत पर त्वरित एक्शनः मौके पर पकड़ाया अवैध खनन* खनिज विभाग के अधिकारियों से प्राप्त जानकारी के अनुसार रायगढ़ जिले के बड़े डूमरपाली निवासी यशवंत डडसेना द्वारा नदी क्षेत्र में पोकलेन मशीन लगाकर अवैध रूप से रेत निकालने और उसके परिवहन की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। शिकायत की सत्यता जांचने के लिए खनि निरीक्षक और खनिज उड़नदस्ता दल ने संयुक्त रूप से औचक छापा मारा। मौके पर अवैध खनन में संलिप्त पोकलेन मशीन को जब्त किया गया और कानूनी औपचारिकताएं पूरी कर उसे ग्राम सरपंच की सुपुर्दगी में सौंप दिया गया। *कड़े कानूनों के तहत मामला दर्ज* प्रशासन ने पर्यावरण और राजस्व को नुकसान पहुंचाने वाले वाहन मालिक के खिलाफ सख्त कानूनी धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम, 2015 के नियम 71, खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 की धारा 21 एवं 23(क) की इन धाराओं के तहत वाहन मालिक के विरुद्ध प्रकरण दर्ज कर आगे की दंडात्मक कार्रवाई की जा रही है। *आधुनिक तकनीक और उड़नदस्ता दलों से प्रदेशव्यापी निगरानी* खनिज विभाग ने साफ किया है कि यह कार्रवाई किसी एक क्षेत्र तक सीमित नहीं है। राज्य सरकार के निर्देशानुसार पूरे प्रदेश में अवैध उत्खनन, अवैध परिवहन और अवैध भंडारण के खिलाफ एक व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। खनजिों के अवैध उत्खनन, परिवहन और राजस्व की चोरी को रोकने के लिए प्रशासन द्वारा अब आधुनिक तकनीक, स्थानीय खुफिया इनपुट और मुस्तैद उड़नदस्ता दलों का सहारा लिया जा रहा है। *पर्यावरण संरक्षण और राजस्व की सुरक्षा सर्वाेपरि* अधिकारियों ने बताया कि अनियंत्रित और अवैध रेत उत्खनन से न केवल नदियों का प्राकृतिक प्रवाह प्रभावित होता है, बल्कि भूजल स्तर गिरने से पर्यावरणीय संतुलन भी बिगड़ता है। ऐसे में प्रशासन की यह कार्रवाई खनिज संपदा की रक्षा के साथ-साथ प्रकृति और सरकारी राजस्व को सुरक्षित रखने की दिशा में एक बड़ा कदम है। खनिज विभाग के अधिकारियों ने कहा है कि प्रदेश में कहीं भी खनिजों के अवैध दोहन, परिवहन या भंडारण में संलिप्त पाए जाने वाले लोगों को कतई बख्शा नहीं जाएगा। आने वाले दिनों में यह जांच अभियान और अधिक आक्रामक और प्रभावी ढंग से जारी रहेगा।