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एयरलाइंस को राहत! ATF के दाम स्थिर रखने के लिए केंद्र ने खोला 10,000 करोड़ का खजाना ...

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एयरलाइंस को राहत! ATF के दाम स्थिर रखने के लिए केंद्र ने खोला 10,000 करोड़ का खजाना ...

June 4, 2026 Source: Bharat Vaani

मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष और वैश्विक तेल बाजार में बढ़ती अनिश्चितता का असर भारत के विमानन क्षेत्र पर भी दिखाई देने लगा है। विमान ईंधन (ATF) की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी से एयरलाइंस कंपनियों की परिचालन लागत तेजी से बढ़ रही है। इसी चुनौती को देखते हुए केंद्र सरकार ने विमानन उद्योग को राहत देने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में 3 जून 2026 को हुई केंद्रीय कैबिनेट बैठक में 10,000 करोड़ रुपये के ATF प्राइस स्टेबिलाइजेशन फंड को मंजूरी दी गई। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ने के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में ATF की कीमतों में करीब ढाई गुना तक वृद्धि दर्ज की गई है। मार्च 2026 में जहां ATF की कीमत लगभग 60.5 रुपये प्रति लीटर थी, वहीं मई 2026 तक यह बढ़कर 142 रुपये प्रति लीटर पहुंच गई। सरकार के अनुसार एयरलाइंस के कुल संचालन खर्च का लगभग 30 से 40 प्रतिशत हिस्सा केवल विमान ईंधन पर खर्च होता है। असामान्य परिस्थितियों में यह हिस्सा 60 प्रतिशत तक पहुंच सकता है, जिससे एयरलाइंस पर वित्तीय दबाव काफी बढ़ जाता है। कैबिनेट द्वारा स्वीकृत यह फंड ऑयल मार्केटिंग कंपनियों को ब्याज-मुक्त सहायता के रूप में उपलब्ध कराया जाएगा। इसका उद्देश्य ATF की कीमतों में अत्यधिक उतार-चढ़ाव को नियंत्रित करना और एयरलाइंस को स्थिर दरों पर ईंधन उपलब्ध कराना है। यह योजना पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के माध्यम से लागू की जाएगी और इसका लाभ घरेलू तथा अंतरराष्ट्रीय दोनों प्रकार की सेवाएं संचालित करने वाली भारतीय एयरलाइंस को मिलेगा। सरकार ने ATF प्राइस स्टेबिलाइजेशन सपोर्ट को 36 महीनों के लिए लागू करने का निर्णय लिया है, जिसकी समीक्षा हर वर्ष की जाएगी। साथ ही घरेलू उड़ानों के लिए ATF की कीमत 75.6 रुपये प्रति लीटर निर्धारित की गई है। माना जा रहा है कि इस फैसले से विमानन उद्योग को बड़ी राहत मिलेगी और यात्रियों पर किराया बढ़ोतरी का दबाव भी कम किया जा सकेगा।