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मॉनसून से पहले दिल्ली सरकार का बड़ा कदम, आधुनिक तकनीक से मजबूत होंगे नाले

June 2, 2026 Source: Bharat Vaani

मॉनसून से पहले दिल्ली सरकार का बड़ा कदम, आधुनिक तकनीक से मजबूत होंगे नाले
नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में हर साल मानसून के दौरान होने वाली जलभराव की समस्या से राहत दिलाने के लिए दिल्ली सरकार ने बड़े स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में ड्रेनेज व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है। इसी क्रम में सरकार ने नालों के निर्माण और पुनर्विकास के लिए अत्याधुनिक **प्री-कास्ट तकनीक** अपनाने का फैसला लिया है, जिससे बारिश के मौसम से पहले जल निकासी तंत्र को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके। लोक निर्माण विभाग (PWD) ने जलभराव प्रभावित क्षेत्रों में प्री-कास्ट कंक्रीट बॉक्स आधारित नालों के निर्माण के लिए टेंडर जारी कर दिए हैं। इस तकनीक के तहत कंक्रीट के विशेष बॉक्स पहले से फैक्टरी या निर्माण यार्ड में तैयार किए जाते हैं। बाद में इन्हें निर्माण स्थल पर लाकर क्रेन की मदद से जोड़ा जाता है, जिससे नाले का निर्माण बेहद कम समय में पूरा हो जाता है। अधिकारियों का कहना है कि यह तकनीक पारंपरिक निर्माण पद्धति की तुलना में अधिक मजबूत, टिकाऊ और बेहतर जल निकासी क्षमता वाली है। इसके अलावा, निर्माण कार्य के दौरान धूल और प्रदूषण भी कम होता है, क्योंकि अधिकांश निर्माण कार्य पहले ही फैक्टरी में पूरा कर लिया जाता है। दिल्ली सरकार ने इस पहल के लिए गुजरात के सफल ड्रेनेज मॉडल से प्रेरणा ली है। गुजरात के कई शहरों में वर्षों से प्री-कास्ट तकनीक का उपयोग कर प्रभावी जल निकासी व्यवस्था विकसित की गई है। परियोजना को समय पर पूरा करने के लिए शुरुआती चरण में प्री-कास्ट बॉक्स गुजरात से मंगवाए जा रहे हैं। इस नई तकनीक से निर्माण कार्य तेजी से पूरा होगा, सड़कों पर लंबे समय तक खुदाई की जरूरत नहीं पड़ेगी और ट्रैफिक जाम की समस्या भी कम होगी। साथ ही, फैक्टरी में तैयार होने वाले बॉक्स गुणवत्ता और मजबूती के लिहाज से अधिक विश्वसनीय माने जाते हैं। सरकार को उम्मीद है कि ड्रेनेज सिस्टम में यह सुधार राजधानी की पुरानी जलभराव समस्या को काफी हद तक कम करेगा। यदि परियोजना समय पर पूरी हो जाती है, तो इस वर्ष मानसून के दौरान दिल्लीवासियों को जलभराव और उससे जुड़ी परेशानियों से बड़ी राहत मिल सकती है।