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CBSE की नई मूल्यांकन व्यवस्था पर सवाल, हाईकोर्ट में PIL दायर  ...

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CBSE की नई मूल्यांकन व्यवस्था पर सवाल, हाईकोर्ट में PIL दायर ...

June 2, 2026 Source: Bharat Vaani

नई दिल्ली। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की नई ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रणाली को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) ने इस मामले में दिल्ली हाईकोर्ट में जनहित याचिका (PIL) दाखिल कर मूल्यांकन प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता पर गंभीर सवाल उठाए हैं। संगठन का आरोप है कि डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली लागू होने के बाद बड़ी संख्या में छात्रों को धुंधली स्कैन कॉपियों, गायब पन्नों, अधूरी अपलोड हुई उत्तर पुस्तिकाओं और संभावित मूल्यांकन त्रुटियों जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ा है। याचिका में कहा गया है कि इन तकनीकी खामियों के कारण कई छात्रों को अपेक्षा से कम अंक प्राप्त हुए हैं, जिससे उनके कॉलेज प्रवेश, छात्रवृत्ति और अन्य शैक्षणिक अवसर प्रभावित हो सकते हैं। NSUI ने अदालत से मांग की है कि उत्तर पुस्तिकाओं के सत्यापन की प्रक्रिया दोबारा शुरू की जाए और विवादित मामलों में मैन्युअल जांच तथा फिजिकल रीचेकिंग की अनुमति दी जाए। छात्र संगठन का दावा है कि कक्षा 12वीं के परिणाम घोषित होने के बाद देशभर से हजारों शिकायतें प्राप्त हुईं। कई छात्रों ने आरोप लगाया कि उन्हें उपलब्ध कराई गई स्कैन कॉपियां स्पष्ट नहीं थीं, कुछ उत्तर पुस्तिकाओं के पन्ने गायब थे, जबकि कुछ मामलों में उत्तरों का सही मूल्यांकन नहीं किया गया। संगठन का कहना है कि यह पूरी स्थिति डिजिटल प्रणाली की कथित तकनीकी कमियों की ओर संकेत करती है। याचिका में यह भी उल्लेख किया गया है कि लगभग 3.87 लाख उत्तर पुस्तिकाओं से संबंधित 1.27 लाख से अधिक आवेदन सत्यापन और स्कैन कॉपियों के लिए प्राप्त हुए, जो छात्रों के बीच व्यापक असंतोष को दर्शाते हैं। NSUI ने अदालत से मांग की है कि प्रभावित छात्रों को क्षतिपूर्ति अंक (Compensatory Marks) दिए जाएं ताकि उनके शैक्षणिक भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े। इसके अलावा, संगठन ने OSM प्रणाली की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराने की मांग भी की है। साथ ही CBSE को भविष्य में डिजिटल मूल्यांकन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, विश्वसनीय और त्रुटिरहित बनाने के लिए आवश्यक तकनीकी सुधार और सुरक्षा उपाय लागू करने के निर्देश देने की अपील की गई है।