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भारतीय कुश्ती में हरियाणा का जलवा, एशियन गेम्स टीम के सभी खिलाड़ी राज्य से चुने गए ...
June 1, 2026 Source: Bharat Vaani
चंडीगढ़: एशियन गेम्स 2026 के लिए भारतीय कुश्ती टीम का चयन पूरा हो गया है और इस बार एक बेहद दिलचस्प तथ्य सामने आया है। भारतीय दल में चुने गए सभी 18 पहलवान हरियाणा से संबंध रखते हैं। यह उपलब्धि न केवल राज्य की मजबूत खेल संस्कृति को दर्शाती है, बल्कि भारतीय कुश्ती में हरियाणा की लगातार बढ़ती ताकत का भी प्रमाण है।
19 सितंबर से 4 अक्टूबर 2026 तक आयोजित होने वाले एशियाई खेलों में भारत की ओर से कुश्ती स्पर्धा में हिस्सा लेने वाले खिलाड़ियों की सूची जारी कर दी गई है। पुरुष फ्रीस्टाइल, महिला फ्रीस्टाइल और ग्रीको-रोमन तीनों वर्गों में चयनित सभी पहलवानों की जड़ें हरियाणा से जुड़ी हुई हैं। इससे यह साफ हो जाता है कि देश में कुश्ती के क्षेत्र में हरियाणा का दबदबा लगातार कायम है।
पुरुष फ्रीस्टाइल टीम में अमन सहरावत (57 किग्रा), सुजीत कलकल (65 किग्रा), सागर जगलान (74 किग्रा), मुकुल दहिया (86 किग्रा), दीपक पूनिया (97 किग्रा) और रजत रुहल (125 किग्रा) को जगह मिली है। वहीं महिला फ्रीस्टाइल वर्ग में दीपांशी राठी, अंतिम पंघाल, मनीषा भनवाला, मानसी अहलावत, निशा दहिया और प्रिया मलिक का चयन हुआ है।
ग्रीको-रोमन शैली में सुमित, दीपक, अमन, सुनील कुमार, नितेश और दीपांशु भारतीय चुनौती पेश करेंगे। इनमें से कुछ खिलाड़ी वर्तमान में सेना, रेलवे या अन्य संस्थानों का प्रतिनिधित्व करते हैं, लेकिन उनका मूल संबंध हरियाणा से ही है।
गौरतलब है कि पिछले एशियाई खेलों में भी हरियाणा के पहलवानों ने शानदार प्रदर्शन किया था और भारत के लिए कुल सात पदक जीतने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। इसी वजह से इस बार भी राज्य के खिलाड़ियों से बड़ी उम्मीदें लगाई जा रही हैं। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि हरियाणा की मजबूत प्रशिक्षण व्यवस्था, आधुनिक खेल सुविधाएं और खिलाड़ियों की कड़ी मेहनत इस सफलता के प्रमुख कारण हैं।
हरियाणा लंबे समय से भारत को अंतरराष्ट्रीय स्तर के पहलवान देता रहा है। राज्य के गांवों में कुश्ती की समृद्ध परंपरा और अखाड़ा संस्कृति ने कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों को तैयार किया है। एशियन गेम्स 2026 में भी भारतीय प्रशंसकों की नजरें इन पहलवानों पर टिकी रहेंगी, जिनसे देश को कई पदकों की उम्मीद है।
भारतीय कुश्ती टीम में सभी 18 खिलाड़ियों का हरियाणा से चयन होना राज्य के लिए गर्व का विषय है और यह भारतीय कुश्ती में उसकी मजबूत पकड़ को एक बार फिर साबित करता है।