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शुभेंदु सरकार का बड़ा फैसला, रेड रोड खाली तो कोलकाता की सड़कों में लौटी रफ्तार

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शुभेंदु सरकार का बड़ा फैसला, रेड रोड खाली तो कोलकाता की सड़कों में लौटी रफ्तार

May 28, 2026 Source: Bharat Vaani

पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद कोलकाता की सड़कों पर बदलाव साफ दिखाई देने लगा है। नई सरकार ने ऐतिहासिक रेड रोड पर होने वाली मुख्य ईद की नमाज को ब्रिगेड परेड ग्राउंड में शिफ्ट करने का बड़ा फैसला लिया है। इस निर्णय के बाद शहर की ट्रैफिक व्यवस्था में काफी सुधार देखने को मिला है। वर्षों से ईद के मौके पर रेड रोड बंद रहने के कारण कोलकाता के उत्तर और दक्षिण हिस्सों के बीच यातायात पूरी तरह प्रभावित हो जाता था, लेकिन इस बार हालात अलग नजर आए। सरकार का कहना है कि रेड रोड शहर का सबसे महत्वपूर्ण वीआईपी कॉरिडोर है, जहां से रोजाना हजारों वाहन गुजरते हैं। प्रशासनिक, सैन्य और आपातकालीन सेवाओं के लिहाज से भी यह सड़क बेहद अहम मानी जाती है। ऐसे में कुछ घंटों के लिए भी इस मार्ग का बंद होना पूरे शहर की रफ्तार को प्रभावित कर देता था। नई व्यवस्था लागू होने के बाद ट्रैफिक दबाव कम हुआ और आम लोगों को राहत मिली। इस फैसले को लेकर शुरुआत में राजनीतिक बहस जरूर छिड़ी, लेकिन धीरे-धीरे मुस्लिम समाज के कई प्रमुख धार्मिक नेताओं ने भी सरकार के कदम का समर्थन किया। प्रसिद्ध नखोदा मस्जिद के इमाम सहित कई धर्मगुरुओं ने कहा कि ब्रिगेड परेड ग्राउंड ज्यादा खुला और सुविधाजनक स्थान है। उनका कहना है कि यह जगह रेड रोड से बेहद करीब है और यहां बड़ी संख्या में लोग आसानी से नमाज अदा कर सकते हैं। इमाम शफीक कासमी ने भी इस फैसले को सकारात्मक कदम बताते हुए कहा कि धार्मिक आयोजनों के साथ-साथ शहर की व्यवस्था और आम जनता की सुविधा का ध्यान रखना जरूरी है। उन्होंने कहा कि अगर बेहतर प्रबंधन के जरिए लोगों को राहत मिलती है, तो ऐसे फैसलों का स्वागत किया जाना चाहिए। रेड रोड का इतिहास भी काफी खास रहा है। द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान इस सड़क का इस्तेमाल इमरजेंसी रनवे के रूप में किया जाता था। उस समय रॉयल एयर फोर्स के लड़ाकू विमान यहां से उड़ान भरते और उतरते थे। आज भी यह सड़क कोलकाता की सबसे अहम लाइफलाइन मानी जाती है। नई सरकार के इस फैसले के बाद रेड रोड पर पहली बार सामान्य दिनों जैसा ट्रैफिक देखने को मिला। कई लोगों का मानना है कि इससे न केवल यातायात व्यवस्था सुधरी है, बल्कि बड़े आयोजनों के लिए बेहतर विकल्प तलाशने की दिशा में भी एक नई शुरुआत हुई है।