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डायल 112 ड्राइवर भर्ती फर्जी निकली: AI से बने पोस्टर पर साइबर ठगी की आशंका

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डायल 112 ड्राइवर भर्ती फर्जी निकली: AI से बने पोस्टर पर साइबर ठगी की आशंका

May 27, 2026 Source: Bharat Vaani

छत्तीसगढ़ में डायल 112 इमरजेंसी सेवा के नाम पर एक बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है, जिसने सोशल मीडिया पर हलचल मचा दी है। ड्राइवर भर्ती के नाम पर वायरल हो रहे एक पोस्टर को लेकर पुलिस और संबंधित विभागों ने स्पष्ट किया है कि यह पूरी तरह फर्जी है और इसका विभाग से कोई संबंध नहीं है। वायरल पोस्टर में दावा किया गया था कि डायल 112 सेवा के तहत 13 जिलों में ड्राइवरों की भर्ती की जा रही है। इसमें 13,000 रुपये मासिक वेतन, 8 घंटे की ड्यूटी और 21 से 40 वर्ष की आयु सीमा जैसी जानकारियां दी गई थीं। साथ ही एक मोबाइल नंबर भी साझा किया गया था, जिस पर इच्छुक उम्मीदवारों से संपर्क करने की बात कही गई थी। इसी पोस्टर में यह भी दावा किया गया था कि विभिन्न जिलों में पदों का वितरण किया जाएगा और प्रत्येक थाना क्षेत्र में ड्राइवरों की नियुक्ति की जाएगी। हालांकि, डायल 112 प्रबंधन और पुलिस अधिकारियों ने इन सभी दावों को पूरी तरह निराधार बताया है। डायल 112 इमरजेंसी सेवा के डीएसपी विवेक सिंह ने कहा कि विभाग की ओर से किसी भी प्रकार की भर्ती से जुड़ा कोई विज्ञापन जारी नहीं किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वायरल पोस्टर को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से तैयार किया गया है और इसे लोगों को भ्रमित करने के उद्देश्य से फैलाया गया है। इस मामले में विभाग ने संबंधित वेंडर कंपनी को भी सूचित कर दिया है और साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराने की तैयारी की जा रही है। अधिकारियों ने यह भी कहा है कि पूरे मामले की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को दे दी गई है और इसकी जांच की जा रही है। डायल 112 सेवा का संचालन करने वाली GVK कंपनी ने भी इस वायरल पोस्टर को फर्जी बताया है। कंपनी ने स्पष्ट किया कि किसी भी भर्ती प्रक्रिया के लिए इस तरह के सोशल मीडिया पोस्ट या अनधिकृत विज्ञापन जारी नहीं किए जाते। कंपनी ने लोगों से अपील की है कि ऐसे फर्जी विज्ञापनों पर भरोसा न करें और किसी भी अनजान नंबर पर संपर्क कर अपनी निजी जानकारी साझा न करें। रायपुर पुलिस के अधिकारियों ने भी इस पोस्टर को साइबर ठगी की संभावित साजिश करार दिया है। डीसीपी उमेश गुप्ता ने बताया कि शुरुआती जांच में यह मामला धोखाधड़ी और लोगों को भ्रमित करने की कोशिश से जुड़ा प्रतीत होता है। उन्होंने जनता से अपील की है कि केवल सरकारी और आधिकारिक स्रोतों से ही भर्ती संबंधी जानकारी प्राप्त करें। यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब हाल ही में केंद्र सरकार द्वारा डायल 112 सेवा के लिए लगभग 400 नई गाड़ियों को हरी झंडी दिखाई गई थी, जिसके बाद भर्ती को लेकर अफवाहें तेज हो गई थीं। इसी स्थिति का फायदा उठाकर साइबर अपराधियों ने फर्जी भर्ती पोस्टर वायरल कर दिया। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है और आम जनता को सतर्क रहने की सलाह दी है।