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Chandrababu Naidu की पार्टी TDP ने महिलाओं को दिया 33% आरक्षण

India

Chandrababu Naidu की पार्टी TDP ने महिलाओं को दिया 33% आरक्षण

May 27, 2026 Source: Bharat Vaani

आंध्र प्रदेश की सत्तारूढ़ पार्टी तेलुगु देशम पार्टी (TDP) ने महिलाओं के राजनीतिक सशक्तिकरण को लेकर बड़ा फैसला लिया है। पार्टी ने आगामी चुनावों में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करने की घोषणा की है। इस फैसले के बाद अब टीडीपी महिलाओं को विधानसभा और अन्य चुनावों में 33 फीसदी सीटों पर मौका देगी। पार्टी का कहना है कि यह कदम महिलाओं की राजनीति में भागीदारी बढ़ाने और उन्हें नेतृत्व की मुख्यधारा में लाने के उद्देश्य से उठाया गया है। इस ऐतिहासिक घोषणा को लेकर TDP के कार्यकारी अध्यक्ष नारा लोकेश ने पार्टी के महानाडु कॉन्क्लेव में प्रस्ताव पेश किया। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक चुनावी वादा नहीं, बल्कि महिलाओं के बेहतर भविष्य और देश की प्रगति के लिए पार्टी की जिम्मेदारी है। लोकेश ने कहा कि राजनीति में अधिक महिला विधायक, सांसद और नीति निर्माता होने चाहिए ताकि महिलाओं की आवाज़ निर्णय लेने की प्रक्रिया में मजबूत तरीके से शामिल हो सके। उन्होंने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि संसद में महिला आरक्षण विधेयक का विरोध किए जाने के कारण देशभर में यह व्यवस्था पूरी तरह लागू नहीं हो पाई। बावजूद इसके, TDP ने अपने स्तर पर महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का निर्णय लेकर एक नया उदाहरण पेश किया है। पार्टी का मानना है कि महिलाओं को सिर्फ कल्याणकारी योजनाओं तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए, बल्कि उन्हें शासन और राजनीति में फैसले लेने वाले पदों तक पहुंचना चाहिए। नारा लोकेश ने पार्टी संस्थापक एनटी रामाराव और मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू के महिला सशक्तिकरण में योगदान को भी याद किया। उन्होंने कहा कि एनटी रामाराव ने महिलाओं को संपत्ति में बराबरी का अधिकार दिलाने और स्थानीय निकायों में आरक्षण लागू करने जैसे ऐतिहासिक कदम उठाए थे। साथ ही महिलाओं के लिए पद्मावती यूनिवर्सिटी की स्थापना भी की गई थी। वहीं मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने शिक्षा और रोजगार में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण, DWCRA समूहों और दीपम जैसी योजनाओं के जरिए महिला सशक्तिकरण को आगे बढ़ाया। TDP नेताओं का कहना है कि अब भारतीय राजनीति का अगला दौर महिला नेतृत्व का होना चाहिए और पार्टी इसी दिशा में मजबूत पहल कर रही है। TDP का यह फैसला आंध्र प्रदेश की राजनीति में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि इससे राज्य में महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी और प्रभाव दोनों बढ़ सकते हैं।