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नासिक TCS मामले में 1500 पन्नों की चार्जशीट, SIT ने पेश किए अहम सबूत

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नासिक TCS मामले में 1500 पन्नों की चार्जशीट, SIT ने पेश किए अहम सबूत

May 23, 2026 Source: Bharat Vaani

नासिक में टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) की यूनिट से जुड़े कथित यौन उत्पीड़न और जबरन मतांतरण मामले में महाराष्ट्र SIT ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 1500 पन्नों की पहली चार्जशीट दाखिल की है। यह चार्जशीट नासिक रोड स्थित सेशंस कोर्ट के विशेष जज केदार जोशी की अदालत में पेश की गई है। यह मामला चार आरोपियों के खिलाफ दर्ज पहले केस से संबंधित है, जिसमें यौन उत्पीड़न, धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने और धोखाधड़ी जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं। जांच के दौरान पुलिस ने कुल नौ एफआईआर दर्ज की थीं, जिनमें से अभी केवल एक मामले में चार्जशीट दाखिल की गई है। इस केस में आरोप है कि TCS नासिक यूनिट में काम करने वाले कुछ कर्मचारियों ने न केवल यौन उत्पीड़न किया, बल्कि कथित रूप से जबरन धर्म परिवर्तन से जुड़ी गतिविधियों में भी शामिल रहे। पुलिस का कहना है कि जांच में ऐसे सबूत मिले हैं जो जबरन मतांतरण की ओर संकेत करते हैं। चार्जशीट में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई गंभीर धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं। इनमें आपराधिक साजिश (धारा 61(2)), बलात्कार (64), अधिकार प्राप्त व्यक्ति द्वारा यौन संबंध (68), धोखे या झूठे वादे के जरिए यौन संबंध (69), यौन उत्पीड़न (75), उकसाना (46), धार्मिक भावनाओं को आहत करने का इरादा (299), सबूत मिटाने या झूठी जानकारी देना (238), अपराधी को संरक्षण देना (249) और सामान्य इरादे (3(5)) जैसी धाराएं शामिल हैं। यह दर्शाता है कि मामला केवल यौन उत्पीड़न तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें कई अन्य आपराधिक पहलू भी जोड़े गए हैं। पुलिस जांच में डिजिटल और फिजिकल दोनों तरह के सबूत शामिल किए गए हैं। आरोप पत्र में पीड़ितों और आरोपियों के बीच हुई WhatsApp चैट के स्क्रीनशॉट, ईमेल रिकॉर्ड, बैंक स्टेटमेंट, जाति प्रमाण पत्र, और घटनास्थल का पंचनामा शामिल है। इसके अलावा, अपराध में इस्तेमाल किए गए वाहन और पहचान परेड की जानकारी भी चार्जशीट का हिस्सा है। पुलिस ने यह भी बताया कि कुछ दस्तावेज ऐसे पाए गए हैं, जिनका उपयोग कथित रूप से पीड़ित की पहचान बदलने या उसे प्रभावित करने के लिए किया गया था। इस मामले में आठ शिकायतकर्ताओं ने सामने आकर आरोप लगाए थे, जिसके बाद देवलाली कैंप पुलिस स्टेशन और मुंबई नाका पुलिस स्टेशन में अलग-अलग मामले दर्ज किए गए। कुल मिलाकर आठ से अधिक मामलों की जांच चल रही है, जिनमें यह पहला केस है जिसमें चार्जशीट दाखिल की गई है। उधर, TCS ने इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि कंपनी किसी भी प्रकार के उत्पीड़न या जबरदस्ती के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अपनाती है। कंपनी ने यह भी बताया कि मामले में कथित रूप से शामिल कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है और आंतरिक स्तर पर भी जांच की जा रही है। फिलहाल यह मामला न्यायिक प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ रहा है और अदालत में पेश किए गए सबूतों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।